महिला आरक्षण की आड़ में मुख्य रूप से परिसीमन को लागू करने की योजना है।
जन समाचार मंच
महिला आरक्षण की आड़ में मुख्य रूप से परिसीमन को लागू करने की योजना है।

अन्य दलों को तोड़कर परिसीमन बिल (डिलिमिटेशन बिल) पास कराना चाहती है भाजपा: एम.ए.बेबी
आरएसएस-भाजपा देश की राजनीति को कॉपोरेट बिजनेस की तर्ज पर चलाना चाहती है। कॉरपोरेट जगत में जिस तरह 'मर्जर' और 'टेकओवर' होता है, भाजपा उसी तरह विपक्षी दलों, सांसदों और विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल करने का प्रयास कर रही है। शुक्रवार को अगरतल्ला में सीपीआई (एम)की त्रिपुरा राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के महासचिव एम ए बेबी ने यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य पार्टियों को तोड़कर संसद में आवश्यक बहुमत जुटाकर परिसीमन बिल पास कराने और देश को एक धार्मिक फासीवादी, मनुवादी और राष्ट्रवादी हिंदू राष्ट्र में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
एम ए बेबी ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में मुख्य रूप से परिसीमन को लागू करने की योजना है। इसके परिणामस्वरूप, उन हिंदी भाषी राज्यों में लोकसभा सीटें बढ़ेंगी जहाँ आरएसएस का प्रभाव अधिक है, और भाजपा को दीर्घकालिक राजनीतिक लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके खिलाफ सभी लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों से एकजुट होने का आह्वान किया।
मोदी सरकार के 12 वर्षों के शासन की आलोचना करते हुए एम.ए.बेबी ने कहा कि वादे पूरे करने में सरकार की विफलता का 'विश्व रिकॉर्ड' बन गया है। बैंक खातों में 15 लाख रुपये, किसानों की आय दोगुनी करना या डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति मजबूत करने जैसे वादों में से एक भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि त्रिपुरा में बेरोजगारी बढ़ने के कारण कई लोग काम की तलाश में राज्य से बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए एम ए बेबी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना पर जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका से कोई जवाबदेही या मुआवजे की मांग नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि भले ही सीपीआई(एम) के मौजूदा सांसदों और विधायकों की संख्या कम हो गई है, लेकिन पार्टी लोगों के हितों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। वामपंथी एकता को मजबूत करने के प्रयास चल रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सीपीआई(एम) भविष्य में फिर से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत के रूप में उभरेगी।
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साभार:बांग्ला दैनिक गणशक्ति
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अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 20 जून 2026 • 2 मिनट पठन

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