"भाजपा के शासनकाल में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार हो रहा है, यह उसका केवल एक छोटा सा हिस्सा है।"
जन समाचार मंच
"भाजपा के शासनकाल में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार हो रहा है, यह उसका केवल एक छोटा सा हिस्सा है।"

हाल ही में पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम, देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, आदिवासियों और पार्टी की संगठनात्मक कमजोरियों से उबरने के सवाल पर सीपीआई(एम) पोलिट ब्यूरो ने तीन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया है। शुक्रवार और शनिवार को आयोजित पोलिट ब्यूरो की बैठक में स्वीकृत इन दस्तावेजों को आगामी 11 से 13 जुलाई को होने वाली केंद्रीय समिति की बैठक में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा। शनिवार को पत्रकारों को यह जानकारी पार्टी के महासचिव एम ए बेबी ने दी।
बेबी ने आज कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों के राजनीतिक मूल्यांकन के साथ-साथ 'संसदीय अवसरवाद' और 'संसदीय विचलन' के मुद्दे पर सुधार पर जोर दिया गया है। स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि केवल चुनाव और संसदीय कामकाज पर अत्यधिक निर्भरता के कारण जन आंदोलन और संगठनात्मक कार्य कमजोर न हों, इस संबंध में आत्म-आलोचनात्मक मूल्यांकन और सुधार की पहल की गई है।
इसके साथ ही बेबी ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी के काम को लेकर भी एक अलग दस्तावेज स्वीकार किया गया है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में संगठन की जो सीमाएं और कमजोरियां हैं, उन्हें चिह्नित कर सुधार की पहल की जा रही है।
पाँच राज्यों के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केरल में एलडीएफ सरकार के उल्लेखनीय जन-हितैषी कार्यों के बावजूद एलडीएफ को बड़ा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। तमिलनाडु में भी नई राजनीतिक स्थिति पैदा हुई है। इन सभी अनुभवों के आधार पर ही राजनीतिक मूल्यांकन का दस्तावेज तैयार किया गया है।
सीपीआई(एम) नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी दलों की कमजोरियों का फायदा उठाकर, उन्हें तोड़कर अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना जैसे दलों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह कॉर्पोरेट जगत में अधिग्रहण, विलय या कब्जे की प्रक्रिया देखी जाती है, उसी तरह राजनीतिक दलों के मामले में भी फूट डालकर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति न केवल लोकतंत्र विरोधी है, बल्कि दलबदल विरोधी कानून के भी खिलाफ है। सीपीआई(एम) इसके खिलाफ देशव्यापी राजनीतिक अभियान आयोजित करेगी। इसके साथ ही 'इंडिया' गठबंधन सहित विभिन्न विपक्षी दलों के साथ चर्चा कर संयुक्त प्रतिरोध खड़ा करने की पहल की जाएगी।
एम ए बेबी ने केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। इस सिलसिले में उन्होंने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को लेकर प्रकाशित विभिन्न रिपोर्टों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "भाजपा के शासनकाल में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार हो रहा है, यह उसका केवल एक छोटा सा हिस्सा है।" अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि के गबन के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असली दोषियों को अभी तक कानून के दायरे में नहीं लाया गया है।
फिलिस्तीन के मुद्दे पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की हालिया टिप्पणी के संदर्भ में एम ए बेबी ने कहा कि भारत को वेस्ट बैंक और गाजा में फिलिस्तीनी जनता के प्रति और अधिक स्पष्ट एवं दृढ़ एकजुटता प्रदर्शित करनी चाहिए। इस विषय पर सोनिया गांधी ने जो चिंता व्यक्त की है, सीपीआई(एम) उससे सहमत है। उनके अनुसार, फिलिस्तीन के प्रति देश के हर स्तर पर एक शक्तिशाली एकजुटता आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है। बेबी ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर हमला करने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा एक "आश्चर्यजनक रणनीतिक निर्णय" था।
क्या यह लेख उपयोगी था?
प्रकाशित: 28 जून 2026 • 3 मिनट पठन

प्रश्न करना /
राजद्रोह /
आंदोलन करना /
देशद्रोह /
हक़ मांगना /
राष्ट्रद्रोह /
बना दिया ।
इन सबके बावजूद /
लोग डर नहीं रहे /
छोटे-छोटे बच्चे /
खिलाफत को /
उतारू हैं ।
16 सितंबर 2026

मंगलवार दोपहर गड़वेता के अमलागोड़ा तिराहे पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हथौड़े से लेनिन की मूर्ति तोड़ दी। उससे पहले शनिवार रात शालबनी में हमला हुआ था। शालबनी बाजार के पास सीपीआई(एम) का पुराना कार्यालय 'तुलसी भवन' है। सोमवार आधी रात को सबल और बड़े सीमेंट के खंभों से गेट तोड़कर बीजेपी कार्यकर्ता अंदर घुसे। उन्होंने टीवी, कंप्यूटर, रसोई गैस, पंखे समेत अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद तोड़फोड़ करके आग लगा दी।
16 सितंबर 2026

हम तो /
नारी शक्ति के समक्ष /
नतमस्तक हैं ।
हम सभी /
एक स्त्री से ही तो /
जनमे हैं ।
उसी के संरक्षण में /
हमारा स्वर्णिम /
बालपन बीता है ।
12 सितंबर 2026

पेपर माफिया बेलगाम। जिम्मेदार कौन ?
नीट प्रश्नपत्र लीक के पीछे एक अत्यंत संगठित गिरोह होने की बात जांचकर्ता मान रहे है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र राजस्थान, हरियाणा, केरल, जम्मू- काश्मीर, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में फैल गया था पूरा काम अत्यंत संगठित तरीके से होता है । प्रश्नपत्र विभिन्न चरणों में अलग-अलग स्तरों पर बेचे जाते हैं ये सीधे छात्रों को नहीं बेचे जाते। प्रश्नपत्र बेचने के लिए अलग 'थोक' और 'खुदरा' बाजार होते हैं। किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक गिरोह में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की संभावना है।
केशव कुमार भट्टड़ • 12 मई 2026

सीबीआई ने आरोपी की पहचान पीवी कुलकर्णी के रूप में की है। जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी न केवल रसायन शास्त्र (Chemistry) के प्रोफेसर थे, बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था 'एनटीए' के एक प्रभावशाली अधिकारी भी थे। इसी पद पर रहने के कारण प्रश्नपत्रों तक उनकी आसान पहुंच थी।
केशव कुमार भट्टड़ • 15 मई 2026

'पहाड़' की ताकत 'पहाड़' के हाथों में क्यों नहीं?! अफसरों के दम पर स्वायत्तता का नाटक बंद करो!" स्वायत्तता छीने जाने पर गरजे मोहम्मद सलीम!" - दार्जिलिंग के कलामंदिर हॉल में आयोजित कार्यकर्ताओं की सभा में सीपीआई(एम) पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार स्वायत्त निकाय जीटीए (GTA) में प्रतिनिधियों के चुनाव कराने के बजाय प्रशासक बिठाकर लोकतंत्र और पहाड़ के अधिकारों का हनन कर रही है। कश्मीर से लद्दाख और दार्जिलिंग तक क्षेत्रीय स्वायत्तता को खत्म करने की साजिश का दावा करते हुए मोहम्मद सलीम ने कहा कि भाजपा न तो बहुलतावाद को मानती है और न ही विविधता का सम्मान करती है। पार्टी ने घोषणा की कि वे संविधान की छठी अनुसूची, भूमि अधिकार, चाय बागान श्रमिकों की बदहाली, पर्यावरण विनाश और नागरिकता के नाम पर हो रहे भेदभाव के मुद्दों को लेकर अक्टूबर-नवंबर में पहाड़ की जनता के बीच एक व्यापक जन-अभियान चलाएंगे।
केशव कुमार भट्टड़ • 14 सितंबर 2026
टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...