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सही विकास: हूबनाथ

राजीव कुमार पाण्डेय•10 सितंबर 20261 मिनट पठन10 बार पढ़ा गया

इस नए खेल के लिए 

एक नया मंत्रालय खुला

पुराने कसाइयों

शिकारियों को

प्रशिक्षक 

नियुक्त किया गया 

सही विकास: हूबनाथ

हत्यारे ने

राजा बनते ही

हत्या को

राष्ट्रीय खेल

घोषित कर दिया 

किंतु

शर्त यह रखी

कि हत्या

सिर्फ़ कमज़ोर

और निरीह की ही

होनी चाहिए 

खरगोश

हिरण

मवेशी

मोर

गौरैया तक

वध्य हैं

किंतु

भूल कर भी

शेर, बाघ, तेंदुआ 

भेड़िया, सियार, गीदड़ 

और लकड़बग्घे को

स्पर्श भी न किया जाए 

इस खेल में

अव्वल आने वालों को

शासकीय संरक्षण के साथ 

शासन में

सहभागिता का भी

सुअवसर

प्रदान किया जाएगा

इस अभियान का

नामकरण हुआ

आपदा में अवसर

आपदा

कमज़ोर पशुओं पर

अवसर

हत्यारे को

इस नए खेल के लिए 

एक नया मंत्रालय खुला

पुराने कसाइयों

शिकारियों को

प्रशिक्षक 

नियुक्त किया गया 

अब पूरा वनप्रदेश 

विकास की दिशा में

बेतहाशा दौड़ रहा है

अपनी जान बचाकर

कि रुकते ही

मार न दिया जाए

-हूबनाथ

हूबनाथ

लेखक परिचय: लगभग 20 पुस्तकों के अनुवाद एवं संपादन का काम कर चुके लेखक हूबनाथ 'बाजा', 'हमारी बेटी' और 'अंतर्ध्वनि' फिल्मों में संवाद लेखन कर चुके है। आपकी 'कौए', 'लोअर परेल', 'अकाल' व 'मिट्टी' नाम से काव्य संग्रह सहित 'ललित निबंध', 'सिनेमा समाज साहित्य' समेत अनेक किताबें प्रकाशित है। आप मुंबई में रहते है।]

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सही विकास: हूबनाथ

अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 10 सितंबर 2026 • 1 मिनट पठन

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प्रश्न करना /

राजद्रोह /

आंदोलन करना /

देशद्रोह /

हक़ मांगना /

राष्ट्रद्रोह /

बना दिया ।

इन सबके बावजूद /

लोग डर नहीं रहे /

छोटे-छोटे बच्चे /

खिलाफत को /

उतारू हैं ।

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नारी शक्ति के समक्ष /

नतमस्तक हैं ।

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जनमे हैं ।

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