जन समाचार मंच


60 साल बाद बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुँचनेवाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी
भारत के दिनेश खन्ना 1965 में एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुँचनेवाले पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे।
चीन के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में आज बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में विश्व के 20नम्बर रैंकिंग खिलाड़ी भारत के 20साल के आयुष शेट्टी ने विश्व के 1नम्बर और पिछली बार के चैंपियन कुन्लावत वितिदर्शन को 10-21,21-19,21-17 से हरा दिया है।
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अपलोडर: VKA-ENGEAL • प्रकाशित: 16 अप्रैल 2026 • 1 मिनट पठन
1857 के विद्रोह में एक महत्वपूर्ण और दिलचस्प पहलू है, हिंदू–मुस्लिम एकता। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही वर्गों पर ब्रिटिश शासन की नीतियां आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से प्रतिकूल थीं। दोनों समुदायों को कर, जमीन संबंधी दमन और धार्मिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा। इस साझा अनुभव ने एकता की आधारशिला रखी। यह भी महत्वपूर्ण था कि बंगाल की आर्मी में विभिन्न जातियों से सम्बंधित हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्मो के सैनिक थे। यह हिन्दू मुस्लिम एकता का आधार बना जो इससे पहले नहीं देखा गया था। जैसे हिन्दू और मुस्लिम सिपाही एक साथ मिल कर लड़े उसी तरह हिन्दू और मुस्लिम तालुकदार और राजा भी एकजुट हुए। सामान्य नागरिक, हिन्दू और मुस्लिम दोनों ने मिल कर बहादुरी के साथ अंग्रेजो के खिलाफ लड़े और अंग्रेजों के दमन का सामना लिया।
02 जुलाई 2026

" फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं है; यह यादों, प्रतिशोध, उम्मीदों और एक नया इतिहास लिखने का एक कभी न खत्म होने वाला नाटक है।"
सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद और केंद्रीय कमेटी के सदस्य
18 जून 2026

दुनिया भर में बाल श्रमिकों का सबसे बड़ा हिस्सा कृषि क्षेत्र (खेती-बाड़ी) में कार्यरत है। कुल बाल श्रमिकों में से लगभग 60 प्रतिशत बच्चे कृषि कार्यों से जुड़े हैं। इसके अलावा, सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) में लगभग 27 प्रतिशत और खनन (माइनिंग), निर्माण (कंस्ट्रक्शन) समेत अन्य उद्योगों में लगभग 13 प्रतिशत बच्चे काम करते हैं।
13 जून 2026

मर्सिडीज बेंज स्टेडियम में 1986 के माराडोना युग की यादें ताजा करते हुए अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। 85वें मिनट तक 1-0 से पीछे चल रही अर्जेंटीना के लिए लियोनेल मेसी ने अपनी जादुई रणनीति से पहले एंजो (85') और फिर इंजरी टाइम में लाउतारो (92') का गोल करवाकर पासा पलट दिया।
फाइनल की जंग: अब फाइनल में अर्जेंटीना का मुकाबला स्पेन से होगा।
केशव कुमार भट्टड़ • 16 जुलाई 2026

सरहदें और पासपोर्ट नफ़रत की सियासत तय कर सकते हैं, फुटबॉल का जादू नहीं; क्योंकि कला किसी सरहद तक सीमित नहीं होती। तमाम नैरेटिव, सोशल मीडिया की नफ़रत और भू-राजनीतिक लांछनों को धता बताते हुए अर्जेंटीना ने मेसी के चमत्कारी नेतृत्व में विश्वकप के फाइनल में जगह बनाई है। यह टीम महज़ आंकड़ों पर नहीं, बल्कि आखिरी पलों तक हार न मानने वाले जुझारूपन और हारते हुए मैचों को ऐतिहासिक थ्रिलर में तब्दील करने के जज़्बे से जीत रही है। मेसी का खेल उस खो चुके पारंपरिक 'जोगो बोनिटो' (फूटबाल की खूबसूरत ब्राज़ीलियन खेल शैली ) का आखिरी जीवित प्रतिनिधि है, जो सिर्फ गोल करना नहीं बल्कि दर्शकों को मुग्ध करना सिखाता है। यह फुटबॉल की उस शाश्वत खूबसूरती को रेखांकित करता है जहां हुनर के सामने उग्र राष्ट्रवाद और सरहदें घुटने टेक देती हैं, और प्रतिद्वंद्वी भी कलाकार का मुरीद हो जाता है।
केशव कुमार भट्टड़ • 17 जुलाई 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 12 मई 2026
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