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केरल स्कूल संसद चुनाव: ~ 699 में से 604 स्कूलों में 'एस एफ आई' की महाविजय ~

केशव कुमार भट्टड़•19 सितंबर 20263 मिनट पठन122 बार पढ़ा गया

"समाजवाद ही भविष्य है, धर्मनिरपेक्षता ही ताकत है" - कलम, किताब और क्रांति का संगम; केरल के स्कूलों में लहराया लाल परचम! केरल के स्कूल संसद चुनावों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने 699 में से 604 स्कूलों में शानदार जीत दर्ज कर नया इतिहास रचा है, जिसमें 148 परिसरों में निर्विरोध निर्वाचन शामिल है। यह चुनाव दक्षिणपंथी राजनीति और छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ आम छात्रों का कड़ा प्रतिरोध बनकर उभरा। संगठन ने कासरगोड, कन्नूर, इडुक्की, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम सहित लगभग सभी जिलों में विरोधियों को पछाड़कर अपना एकतरफा-दबदबा कायम किया। 'एस एफ आई' ने 'यू डी एस एफ' , 'एम एस एफ' और 'के एस यू' जैसे प्रतिद्वंद्वी छात्र गठबंधनों के कई मजबूत किलों और सीटों पर पुनः कब्ज़ा जमाया। एसएफआई राज्य सचिव मण्डल ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय संघर्षशील कार्यकर्ताओं और जागरूक छात्र समुदाय के अटूट विश्वास को दिया है।

केरल स्कूल संसद चुनाव: ~ 699 में से 604 स्कूलों में 'एस एफ आई' की महाविजय ~


"समाजवाद ही भविष्य है, धर्मनिरपेक्षता ही ताकत है"

कलम, किताब और क्रांति का संगम; केरल के स्कूलों में लहराया लाल परचम

केरल स्कूल संसद चुनावों में 'एस एफ आई' की धमाकेदार जीत

तिरुवनंतपुरम, केरल: स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एस एफ आई) ने राज्य में स्कूल संसद (संसदीय) चुनावों में चुनाव लड़ी गई 699 स्कूलों में से 604 में जीत हासिल कर ऐतिहासिक दर्ज दर्ज की। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 'एस एफ आई' 148 स्कूलों में निर्विरोध चुनी गई।


'एस एफ आई' ने कासरगोड जिले के 48 में से 40 स्कूलों, कन्नूर जिले के 109 में से 93 स्कूलों, वायनाड जिले के 15 में से 11 स्कूलों, कोझिकोड जिले के 65 में से 40 स्कूलों, मलप्पुरम जिले के 9 में से 9 स्कूलों, पलक्कड़ जिले के 79 में से 69 स्कूलों, त्रिशूर जिले के 40 में से 38 स्कूलों और एर्नाकुलम जिले के 4 में से 4 स्कूलों में जीत दर्ज की। इसके अलावा, संगठन ने इडुक्की जिले के 25 में से 25 स्कूलों, पथानामथिट्टा जिले के 34 में से 35 स्कूलों, कोट्टायम जिले के 11 में से 11 स्कूलों, अलाप्पुझा जिले के 43 में से 40 स्कूलों, कोल्लम जिले के 117 में से 104 स्कूलों और तिरुवनंतपुरम जिले के 91 में से 86 स्कूलों में जीत हासिल की।

एर्नाकुलम जिले में जिन 12 स्कूलों में चुनाव होने थे, उनमें से कुल चार स्कूलों में चुनाव हुए, जबकि आठ स्कूलों में चुनाव किसी अन्य तिथि के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। 'एस एफ आई' ने कासरगोड के 'उदुमा गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल' में सात साल बाद जीत हासिल की, जहाँ उसने अपने लड़े गए सभी सीटों पर जीत दर्ज की। छात्र संगठन ने पन्नूर पीआर और केवी स्कूलों को मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एम एस एफ) से वापस छीन लिया।


'एस एफ आई' ने त्रिशूर के मुल्लूरकारा स्थित 'एन एस एस गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल' में 'एम एस एफ' और केरल स्टूडेंट्स यूनियन (के एस यू) के गठबंधन 'यूनाइटेड डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन' (यू डी एस एफ) को हराकर 10 में से 10 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की। 'एस एफ आई' ने पेरिया हायर सेकेंडरी स्कूल को भी 'के एस यू' से वापस अपने नाम किया। 'एस एफ आई' ने राज्य के शैक्षणिक संस्थानों के भगवाकरण को चुनौती देते हुए
"समाजवाद ही भविष्य है, धर्मनिरपेक्षता ही ताकत है" के नारे के साथ स्कूल संसद चुनाव लड़ा था।

'एस एफ आई' समिति का दावा है कि संगठन ने राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यू डी एफ) सरकार की अभूतपूर्व छात्र-विरोधी नीतियों—जो संघ परिवार की विचारधाराओं से मेल खाती हैं- और अन्य दक्षिणपंथी तथा अराजक छात्र आंदोलनों द्वारा की गई हिंसा का डटकर मुकाबला करते हुए यह चुनाव जीता है। संगठन ने यह भी कहा कि यह चुनावी जीत उस छात्र समुदाय के राजनीतिक प्रतिरोध और अवहेलना का प्रतीक है, जिसे 'यू डी एफ' सरकार की अभूतपूर्व हिंसा को सहन करना पड़ा है। 'एस एफ आई' के राज्य सचिव मण्डल ने चुनाव में संगठन की सफलता के लिए काम करने वाले सभी कार्यकर्ताओं और छात्रों को बधाई दी।

यह भी पढ़ें: केरल कॉलेज चुनावों में SFI की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत

साभार: 'लेफ्टव्यूज' न्यूज पोर्टल। 19.09.2026

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केरल स्कूल संसद चुनाव: ~ 699 में से 604 स्कूलों में 'एस एफ आई' की महाविजय ~

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